बिहार में बाढ़ से हालात गंभीर, गंडक के उफान से कई इलाकों में पानी; IAF ने संभाला राहत अभियान
बिहार में गंडक और गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सारण और मुजफ्फरपुर में गंडक के तटबंध टूटने के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज किया गया है और प्रभावित इलाकों में भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है।

पटना, 2 अक्टूबर 2026: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों में टूट के कारण सारण और मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है।
गंडक के उफान से सारण और मुजफ्फरपुर में बढ़ी परेशानी
गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच सारण जिले में तटबंध टूटने से नए इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचा है। खेतों, घरों और सड़कों पर पानी फैलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मुजफ्फरपुर में भी तटबंध के एक हिस्से में टूट के बाद आसपास के इलाकों में पानी पहुंचा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
छह जिलों में राहत अभियान पर जोर
बिहार सरकार ने बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित छह जिलों में राहत और बचाव अभियान के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता मांगी है।
इन इलाकों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर शामिल हैं। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी का भारी डिस्चार्ज होने के बाद निचले इलाकों पर दबाव बढ़ा है।
“The next 48 hours are crucial for the state as water levels continue to rise.”
— Bihar Chief Minister Samrat Choudhary
IAF के हेलिकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही
बाढ़ प्रभावित इलाकों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए IAF के हेलिकॉप्टरों से राहत सामग्री गिराई जा रही है।
सारण के पानापुर क्षेत्र में प्रभावित लोगों तक सूखा राशन पहुंचाया गया। राहत पैकेटों में चूड़ा, सत्तू, चना, चीनी, ORS, माचिस और मोमबत्तियों जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल थीं।
राहत सामग्री गिराने के दौरान हादसा
सारण जिले के परशुरामपुर गांव में राहत सामग्री के हवाई वितरण के दौरान एक 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि हेलिकॉप्टर से गिराया गया राहत पैकेट व्यक्ति पर गिरा, जबकि पुलिस के अनुसार शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले और मौत के कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी सूचना है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार के आधिकारिक बाढ़ पूर्वानुमान आंकड़ों के अनुसार 2 अक्टूबर को गंडक, गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया।
गंडक का जलस्तर गोपालगंज और मुजफ्फरपुर के कुछ माप केंद्रों पर खतरे के निशान से ऊपर था। वहीं गंगा का जलस्तर पटना के गांधी घाट और हाथीदह सहित कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया।
पटना में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा
पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने निचले इलाकों और तटबंधों की निगरानी बढ़ाई है तथा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
किसानों की फसल को नुकसान
बाढ़ के पानी से कई इलाकों में खेत और खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। सारण और पश्चिम चंपारण सहित गंडक बेसिन के इलाकों में किसानों को फसल नुकसान की चिंता है।
प्रभावित किसानों की ओर से नुकसान का आकलन कर मुआवजा और राहत उपलब्ध कराने की मांग भी सामने आई है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में तैनात हैं।
सारण में गंडक के तटबंध टूटने के बाद 12 NDRF और 7 SDRF टीमों की तैनाती की जानकारी सामने आई है।
बिहार बाढ़ 2026: मुख्य बातें
- गंडक नदी: बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैला।
- सारण: कई गांवों और कृषि क्षेत्रों में पानी पहुंचा है।
- मुजफ्फरपुर: तटबंध में टूट के बाद आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर बढ़ा।
- IAF सहायता: प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं।
- नदियों का जलस्तर: गंगा, गंडक, कोसी और अन्य नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं।
- राहत अभियान: NDRF और SDRF की टीमें बचाव और राहत कार्य में लगी हैं।
अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अगले 48 घंटे प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। गंडक और गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज की हैं।
निष्कर्ष
बिहार में बाढ़ की स्थिति 2 अक्टूबर को भी गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी के उफान से सारण और मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में पानी फैलने के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज किया गया है।
भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है, जबकि NDRF और SDRF की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन की नजर गंगा, गंडक, कोसी और अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर पर बनी हुई है।
Frequently asked questions
बिहार में बाढ़ की स्थिति कैसी है?
2 ?
बिहार में बाढ़ से कौन से इलाके प्रभावित हैं?
सारण, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और वैशाली सहित कई जिले प्रभावित हैं।
बिहार में राहत कार्य कौन कर रहा है?
NDRF, SDRF, राज्य प्रशासन और भारतीय वायुसेना की मदद से राहत एवं बचाव ?
क्या IAF बिहार में राहत सामग्री पहुंचा रही है?
हां, प्रभावित क्षेत्रों में IAF के हेलिकॉप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बिहार में किन नदियों का जलस्तर बढ़ा है?
गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
Sources
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