सारण में बाढ़ का कहर: तरैया में टूटा रिंग बांध, कई गांवों में घुसा गंडक का पानी
सारण जिले के तरैया में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच रिंग बांध टूटने से कई गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सारण, 2 अक्टूबर 2026: बिहार के सारण जिले में गंडक नदी की बाढ़ का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के तरैया क्षेत्र में गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच रिंग बांध टूट गया, जिसके बाद कई गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया।
तरैया में टूटा रिंग बांध
सारण के तरैया प्रखंड में रिंग बांध टूटने के बाद राजधानी, आकूचक, चंचलिया और भलुआ समेत कई गांवों के निचले इलाकों में पानी पहुंच गया।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, कुछ इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है।
गंडक के बढ़ते जलस्तर से बढ़ा खतरा
गंडक नदी में लगातार बढ़े जलस्तर के कारण सारण के कई निचले और नदी किनारे वाले इलाकों पर दबाव बढ़ा है।
सारण के अलावा गंडक के बढ़े जलप्रवाह का असर गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और आसपास के अन्य जिलों में भी देखा जा रहा है।
NH-722 पर भी बाढ़ का असर
बाढ़ का पानी सारण में NH-722 तक पहुंच गया है, जिससे कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य को तेज किया गया है। नावों की मदद से लोगों तक पहुंचने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था की जा रही है।
Haijalpur में भी तटबंध को नुकसान
सारण के Maker प्रखंड के Haijalpur में भी गंडक के दवाब के कारण तटबंध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार, तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद आसपास के गांवों में पानी फैलने लगा। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
IAF भी राहत अभियान में शामिल
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने भारतीय वायुसेना (IAF) से राहत और बचाव अभियान में सहायता मांगी है।
सारण समेत छह प्रभावित जिलों में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में हवाई सहायता ली जा रही है।
सारण में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित
2 अक्टूबर की रिपोर्टों के अनुसार, सारण बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 102 गांवों में पानी पहुंचा है और करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं।
“अगले 48 घंटे राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।”
— बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में लगी हुई हैं।
अधिकारियों द्वारा तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि पानी के बढ़ते दबाव के कारण होने वाली नई क्षति को जल्द नियंत्रित किया जा सके।
सारण बाढ़: मुख्य बातें
- जिला: सारण, बिहार
- प्रमुख नदी: गंडक
- प्रभावित क्षेत्र: तरैया, Maker और आसपास के निचले इलाके
- तरैया: रिंग बांध टूटने के बाद कई गांवों में पानी पहुंचा
- Haijalpur: तटबंध को नुकसान पहुंचा
- NH-722: बाढ़ के पानी से आवागमन प्रभावित
- राहत अभियान: प्रशासन, NDRF और SDRF सक्रिय
- IAF: प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान में सहायता
लोगों के सामने बढ़ी मुश्किलें
गांवों में पानी घुसने से लोगों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने, भोजन, पीने के पानी और पशुओं को सुरक्षित रखने जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
आगे की स्थिति पर नजर
गंडक के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की जा रही है।
सारण में फिलहाल सबसे बड़ी चिंता गंडक के जलस्तर और कमजोर तटबंधों को लेकर बनी हुई है। आने वाले घंटों में जलस्तर और तटबंधों की स्थिति के आधार पर बाढ़ का असर आगे बढ़ने या कम होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
Frequently asked questions
सारण में बाढ़ की स्थिति कैसी है?
सारण में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
तरैया में क्या हुआ है?
तरैया में रिंग बांध टूटने के बाद कई गांवों के निचले इलाकों में पानी घुस गया है।
सारण में कौन सी नदी बाढ़ का मुख्य कारण है?
वर्तमान बाढ़ में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का प्रमुख ?
क्या NH-722 प्रभावित हुआ है?
हां, बाढ़ का पानी NH-722 तक पहुंचने से कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ है।
सारण में राहत कार्य कौन कर रहा है?
जिला प्रशासन के साथ NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं और IAF भी व्यापक राहत ?
Sources
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