SIR के बाद छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए EC का Special Drive, 20 राज्यों में BLO करेंगे मदद
Election Commission ने SIR के दौरान मतदाता सूची से छूटे या हटे नामों की पहचान कर उन्हें फिर से जोड़ने के लिए 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष अभियान शुरू किया है। नए और छूटे मतदाताओं के लिए BLO स्तर पर मदद और Form 6 के जरिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर जोर दिया गया है।

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026: Election Commission of India ने हालिया Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची में छूटे या हटे नामों को दोबारा शामिल करने के लिए 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में Special Drive शुरू करने की जानकारी दी है।
इस अभियान का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की पहचान करना है जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, साथ ही नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना भी है।
20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष अभियान
Election Commission के निर्देश के अनुसार, राज्य स्तर के चुनाव अधिकारियों और Booth Level Officers (BLOs) को छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद करने के लिए सक्रिय किया जाएगा।
यह कदम SIR के बाद मतदाता सूचियों को लेकर उठे सवालों के बीच आया है।
Form 6 के जरिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया
Election Commission ने ऐसे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए Form 6 के इस्तेमाल की प्रक्रिया पर जोर दिया है।
अगर कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम नहीं देखता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत वह नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
BLO घर-घर जाकर करेंगे मदद
अभियान के दौरान Booth Level Officers की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
BLO का काम मतदाता सूची से जुड़े मामलों में स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की सहायता करना और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
Special Intensive Revision के दौरान मतदाता सूचियों के सत्यापन और पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
विपक्षी दलों और कुछ नागरिक समूहों ने आरोप लगाया है कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। Election Commission का कहना है कि मतदाता सूची का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र, मृत या duplicate entries को हटाना है। इन दावों और आरोपों को संबंधित पक्षों के रूप में देखना जरूरी है।
Election Commission का नया कदम क्यों महत्वपूर्ण है?
नई Special Drive का उद्देश्य मतदाता सूची में संभावित छूटे हुए पात्र मतदाताओं को फिर से प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देना है।
- 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अभियान
- छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान
- नए मतदाताओं के नाम जोड़ने पर जोर
- BLO के जरिए स्थानीय स्तर पर सहायता
- Form 6 के जरिए नाम जोड़ने की सुविधा
ECINET को लेकर भी उठे सवाल
Election Commission के digital electoral platform ECINET को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया है।
2 अक्टूबर को कांग्रेस ने ECINET की कानूनी स्थिति और इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए और Election Commission पर आरोप लगाए। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं; Election Commission की स्थिति को अलग से देखना जरूरी है।
दिल्ली और मुंबई में प्रदर्शन
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई में विरोध प्रदर्शन भी हुए।
Reuters और AP के अनुसार, मुंबई में youth-led Cockroach Janta Party से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली में भी प्रदर्शन की कोशिश के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
Election Commission और सरकार ने voter-roll manipulation से जुड़े आरोपों से इनकार किया है।
मतदाताओं के लिए क्या जरूरी है?
जिन लोगों को लगता है कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें अपनी electoral-roll status की जांच करनी चाहिए।
अगर कोई पात्र व्यक्ति सूची में अपना नाम नहीं पाता है, तो Election Commission की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
मुख्य बातें
- Special Drive: SIR के बाद छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए अभियान।
- 20 राज्य/UT: अभियान का दायरा 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक बताया गया है।
- BLO: Booth Level Officers मतदाताओं की सहायता करेंगे।
- Form 6: पात्र नए या छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्रक्रिया।
- ECINET: Election Commission के digital electoral platform को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठे हैं।
- Protests: दिल्ली और मुंबई में SIR और voter-list revision को लेकर प्रदर्शन हुए।
निष्कर्ष
SIR के बाद मतदाता सूची में छूटे नामों को लेकर Election Commission ने Special Drive शुरू किया है। 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाए जा रहे इस अभियान में BLO के जरिए छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में Special Drive के जरिए कितने छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, यह महत्वपूर्ण अपडेट रहेगा।
Frequently asked questions
SIR के बाद Election Commission ने क्या कदम उठाया है?
Election Commission ने SIR के दौरान छूटे या हटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में Special Drive शुरू किया है।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कौन सा Form इस्तेमाल होता है?
पात्र नए या छूटे मतदाताओं के लिए Form 6 के जरिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया ?
BLO की क्या भूमिका है?
Booth Level Officers स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की सहायता और electoral-roll से जुड़े काम में मदद करते हैं।
SIR को लेकर विवाद क्यों है?
राजनीतिक दलों और नागरिक समूहों ने प्रक्रिया और संभावित voter exclusions को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि Election Commission का कहना है कि revision का उद्देश्य electoral rolls को सही और updated रखना है।
Sources
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